-
450
छात्र -
289
छात्राएं -
27
कर्मचारीeducational: 20
गैर-शैक्षिक: 1
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

विद्यालय के बारे में
उत्पत्ति
केंद्रीय विद्यालय शिवहर ने 2008 में कलावती जिया लाल उच्च विद्यालय अंबाकला शिवहर में एक अस्थायी भवन में कक्षा I से X तक के लिए काम करना शुरू किया ।
बाद में वर्ष 2017 में स्कूल को कक्षा I से XII के लिए अपने स्वयं के नवनिर्मित भवन में स्थानांतरित कर दिया गया। महंत भोला शरण दास बिशुनपुर द्वारा दान की गई भूमि में विद्यालय का नया भवन बिशुनपुर किशुनदेव गोगोली मठ के पास स्थित है, यह जीरो माइल शिवहर से 7 किमी दूर है.....
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
शिक्षा का एक समान कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना शैक्षिक उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने और स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में गति निर्धारित करने के लिए शिक्षा में प्रयोग और नवीनता की शुरुआत करने और बढ़ावा देने के लिए.....
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
शिक्षा का एक समान कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना; उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने और स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में गति निर्धारित करने के लिए शिक्षा में प्रयोग और नवीनता को शुरू करने और बढ़ावा देने के लिए...
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
श्री अनुराग भटनागर
उपायुक्त
हमें केंद्रीय विद्यालय संगठन का हिस्सा होने पर गर्व है जो प्रमुख संस्थानों में से एक है । गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने वाले संगठन। मुझे इसकी महत्वपूर्ण वृद्धि और इसके योगदान की मान्यता पर गर्व है। केन्द्रीय विद्यालय संगठन, अपनी स्थापना के बाद से, एक संपूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए अपने मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में इस परिप्रेक्ष्य के साथ कार्य कर रहा है। बच्चों को शिक्षा प्रदान की और स्कूली शिक्षा में अग्रणी ब्रांडों में से एक के रूप में अपनी पहचान बनाई है। के.वी. जिन शिक्षकों को यह कार्य सौंपा गया है, वे शिक्षाशास्त्र के व्यापक उद्देश्य के बारे में पर्याप्त रूप से उन्मुख हैं। शिक्षा किसी राष्ट्र की रीढ़ होती है। उचित शिक्षा स्वस्थ दिमाग और योग्य नागरिकों के निर्माण में योगदान दे सकती है। यदि हम इस नई विश्व व्यवस्था में जीवित रहना और प्रगति करना चाहते हैं, तो हमें खुद को पर्याप्त ज्ञान और कौशल से समृद्ध करना होगा। भारत में, हमें चुनौतियों का सामना करने के लिए युवा दिमागों को तैयार करने की एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ता है 21वीं सदी और इस बाधा से निपटने का सबसे अच्छा तरीका सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। राष्ट्र निर्माण के लिए मानव संसाधन विकास केवल सार्वजनिक निर्देश और उचित शिक्षा के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है। मैं केवीएस आरओ पटना में ऐसी मेधावी और उत्कृष्ट टीम पाकर खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं और इस अवसर पर मैं केवीएस पटना क्षेत्र के सभी कर्मचारियों से हमारे छात्रों की बेहतरी के लिए मिलकर काम करने की अपील करना चाहता हूं।
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श्री जितेन्द्र कुमार पाण्डेय
प्राचार्य
यात्रा पर ध्यान दें, मंजिल पर नहीं। खुशी किसी गतिविधि को ख़त्म करने में नहीं, बल्कि उसे करने में मिलती है।" सीखना निरंतर बदलती दुनिया में लगातार अद्यतन होने की प्रक्रिया है। पहले पांच साल जीवन में सबसे तेजी से बदलाव का अनुभव करते हैं और बच्चे के विकास के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान बच्चों का विकास तेजी से होता है; शारीरिक, बौद्धिक, भावनात्मक और सामाजिक रूप से। सीखना जीवन के मूलभूत सिद्धांतों पर आधारित है; बच्चों को साहसी, आत्मविश्वासी, अनुशासित, जिम्मेदार और वफादार बनना सिखाएं। सबसे पहले हम प्रत्येक बच्चे को समझने की कोशिश करते हैं ताकि उन्हें सबसे आसान और अनुकूलनीय तकनीक प्रदान की जा सके और उन्हें जो सिखाया जाता है उसे सीखने के लिए अनुकूल माहौल प्रदान किया जा सके। हम बच्चे का अनुसरण करके पढ़ाने में विश्वास करते हैं। हम अपने बच्चों को सीखने की गतिविधियों में व्यस्त रखने का प्रयास करते हैं। आज स्कूल की भूमिका न केवल अकादमिक उत्कृष्टता हासिल करना है, बल्कि अपने छात्रों को आजीवन सीखने वाले बनने के लिए सशक्त बनाना भी है। विद्यार्थियों, जीवन में सफल होने के लिए आपका प्रतिभाशाली होना जरूरी नहीं है, हर कोई अद्वितीय है और अपने अंदर कुछ असाधारण गुणों के साथ पैदा होता है। यदि आपने अपने प्रदर्शन में सुधार नहीं किया है, तो यह समय पुनः निरीक्षण करने और कमर कसने का है। ऊपर की ओर बढ़ना शुरू करने में कभी देर नहीं होती। प्रगति स्थिर है. आप भी हर दिन बढ़ रहे हैं. सफलता के लिए कोई क्रैश कोर्स नहीं है।
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खेल अवसंरचना (खेल के मैदान)
विद्यालय में खेल सुविधाएं
एसओपी/एनडीएमए
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) एवं मानक संचालन प्रक्रिया
खेल
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शैक्षिक भ्रमण कक्षा के बाहर एक योजनाबद्ध यात्रा है जिसका उद्देश्य छात्रों को सीखने और विकास में मदद करना है।
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गणित, विज्ञान इत्यादि ओलंपियाड
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केवीएस दिशानिर्देशों के अनुसार विद्यालय ने विज्ञान, गणित आदि जैसी विभिन्न प्रदर्शनियाँ आयोजित कीं जाती है।
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प्राथमिक एवं बाल वाटिका के बच्चों के लिए शनिवार को मजेदार दिन घोषित कर विभिन्न क्रिया कलाप कराया जाता है
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कौशल शिक्षा
छात्रों में व्यावहारिक कौशल ज्ञान शामिल करना
मार्गदर्शन एवं परामर्श
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सामाजिक सहभागिता
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विद्यांजलि
विद्यांजलि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक पहल है।
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परामर्श कक्षाएं उच्चतर कैरियर विकल्प हेतु सलाह |
बाल वाटिका
बाल वाटिका में बच्चों का आनंदमय अध्ययन|
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प्रार्थना सभा में विशेष कार्यक्रम प्रस्तुत करती छात्राएं |
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शिक्षक
विद्यार्थी
नवप्रवर्तन
नवाचार परियोजना के साथ छात्र
नवाचार परियोजना के साथ केन्द्रीय विद्यालय शिवहर के छात्र|
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सीबीएसई बोर्ड परीक्षा कक्षा दसवीं एवं बारहवीं
10वीं कक्षा
12वीं कक्षा
विद्यालय परिणाम
वर्ष 2020-21
उपस्थित 38 उत्तीर्ण 38
वर्ष 2021-22
उपस्थित 40 उत्तीर्ण 40
वर्ष 2022-23
उपस्थित 39 उत्तीर्ण 39
वर्ष 2023-24
उपस्थित 40 उत्तीर्ण 40
वर्ष 2020-21
उपस्थित 23 उत्तीर्ण 23
वर्ष 2021-22
उपस्थित 14 उत्तीर्ण 14
वर्ष 2022-23
उपस्थित 23 उत्तीर्ण 23
वर्ष 2023-24
उपस्थित 22 उत्तीर्ण 22